महाराजा जयभट गुर्जर चपराणा

महाराजा जयभट गुर्जर चपराणा (720ई. - 750ई.) :🙏🏼🙏🏼

हिन्द रक्षक शूरवीर महाराजा जयभट्ट गुर्जर  शूरवीर जयभट गुर्जर का जन्म भडौच के चाप/चपोत्कट राजवंश में हुआ था। चपोत्कट या चपराणा /चावडा वंश गुर्जरो का वह हिस्सा था जो युद्धभूमि में चपो यानी तीरकमानो में सर्वश्रेष्ठ था । यह चपोत्कट हूणो की सेना के सबसे श्रेष्ठ व महत्वपूर्ण धनुर्धर यौद्धा थे जिनके बल पर दुश्मन की विशाल सेनाओ को भी पराजित किया जा सकता था क्योंकि इनके तीर दूर तक अचूक थे। ये घोडे पर खडे होकर ,पीछे मुडकर ,एक हाथ से या कहें कि हर प्रकार से तीर चलाने में सक्षम थे। चपोत्कट/चपराणा राजवंश ने सबसे पहले भीनमाल में राज्य स्थापित किया जिसमें महाराजा व्याघ्रमुख हुए  जिनसे कन्नौज का वर्धनवंश भी भय खाता था।
इस्लाम की स्थापना तथा अरबो का रक्तरंजीत साम्राज्य विस्तार सम्पूर्ण विश्व के लिए एक भयावह घटना है , मोहम्मद पैगम्बर के मृत्यु के बाद अरबो का अत्यंत प्रेरणादायी रूप से समरज्यिक उत्थान हुआ ।
100 वर्ष भीतर ही उन्होंने पश्चिम में स्पेन से पूर्व में चीन तक अपने साम्राज्य को विस्तारित किया।
वे जिस भी प्रदेश को जीतते  वहाँ के लोगो के पास केवल दो ही विकल्प रखते, या तो वे उनका धर्म स्वीकार कर ले या मौत के घाट उतरे । उन्होंने पर्शिया जैसी महान संस्कृतियों ,सभ्यताएं,शिष्टाचारो को रौंध डाला ,मंदिर,चर्च,पाठशालाए, ग्रंथालय नष्ट कर डाले। कला और संस्कृतियों को जला डाला सम्पूर्ण विश्व में हाहाकार मचा डाला। ग्रीस,इजिप्त,स्पेन,अफ्रीका,इरान आदि महासत्ताओ को कुचलने के बाद अरबो के खूनी पंजे हिन्दुस्तान की भूमि तरफ बढे। मगर इस अरबो की विशाल विश्वविजयनी सेना को पहले तो सौ वरषो तक अफगानिस्तान के गुज्जरो की जुनबिल हूणो की सेना नेजुनबिल हूणो की सेना ने हराया फिर 50 सालो तक काबुलशाही के गुर्जर तेगिनो यानी शासको ने हराया। कठिन परिश्रम के बाद  राजा दाहिर की पराजय हुयी और अरबो की सिंध के रूप में भारत में पहली सफलता मिली। सिंध विजय के तुरंत बाद अरबो ने सम्पूर्ण हिन्दुस्तान को जीतकर वहा की संस्कृति को नष्ट भ्रष्ट करने हेतु महत्वाकांक्षी सेनापति अब्दुल-रहमान-जुनैद-अलगारी और अमरु को सिंध का सुबेदार बनाकर भेजा। जुनैद ने पुरे शक्ति के साथ गुजरात,मालवा और राजस्थान के प्रदेशो पर हमला बोल दिया। उस समय वहा बहोत सी छोटी रियासते राज्य करती थी। जैसलमेर के भाटी,अजमेर के चौहान,भीनमाल के चपराणा, वल्लभी के मैत्रक ( बुटार या बटार) ,,आदि ने डट कर अरबी सेना का मुकाबला किया पर वे सफल नहीं हो पाए और एक के बाद एक टूटने लगे।🙏🏻🙏🏻🙏🏻आपका सेवक- निशान्त खटाना🙏🏻🙏🏻🇮🇳

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