पृथ्वीराज चौहान
चन्दबरदाई गुर्जर सम्राट पर्थ्विराज चौहान के दरबारी कवि थे उनोने एक महाकाव्य लिखा पर्थ्विराजरासो चन्दबरदाई ने पर्थ्विराजरासो मे गुर्जर सम्राट पर्थ्विराज चौहान के जीवन मे हुए सम्पूरण घटनाओ का विस्तरत विवरण किया है चन्दबरदाई पर्थ्विराजरासो के पृष्ट 118 पर लिखते है पर्थ्विराज का शिकार खेलने जाना परी हक्क दस दिसि नृपति। चढि चल्लो चहमान धर गुज्जर श्ररू मालवै । सब दिसि पर् त भगान पृष्ट 306 कूरंभ से राम गुजर का युध संस्कृत श्लोक मे गुज्जर राम लिखा है (यहा एक ही व्यक्ति राम को गुजर ओर गुज्जर लिखा है) पृष्ट 132 अनंगपाल जी का सोमेश्वर जी को क्न्यादान करना(महाराजा अंनगपाल तंवर गुर्जर दिल्ली नगर के संस्थापक ओर अंनगपाल का गुर्जर सम्राट पर्थ्विराज चौहान के पिता जी का कन्या दान करना) पृष्ट 122 सोमेश्वर जी का सिहासंन पर विराज करना संस्कृत श्लोक मे लिखा है सोमेश्वर सूर गुज्जर नरेश । मालवी राज सब षग्ग षेश (सोमेश्वर जी गुज्जर पृथ्वीराज चोहान जी पिता जी थे) पृष्ट 118 पृथ्वीराज का शिकार खेलने जाना...