गुर्जर सम्राट जयपाल खटाना

" गर्दन झुकाई नहीं महाराजा जयपाल खटाना ने ।स्वाभिमानी वीर बलशाली थे वो ।पराजय पश्चात अग्निकुंड में कूद कर अपने प्राणो की आहूति दे दी । मलेच्छ अरबी से कहाँ झुकता था वीर जयपाल खटाना ।"

भारतवर्ष के इतिहास का एक महान हिन्दू शाही खटाना गुर्जर साम्राज्य | जिसने सर्वप्रथम इस्लामी आक्रांताओं का सामना किया था |

हिन्दू शाही वंश के महाराजा जयपाल और आनंदपाल "खटाना गुर्जर" थे|  समथर रियासत भी खटाना गुर्जरों की ही है ,जिसके आज के वंशज है उत्तरप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री  राजा रणजीतसिंह खटाना गुर्जर, ये परिवार भी अपना सम्बंध हिन्दू शाही वंश के जयपाल एवं आनंदपाल खटाना  से मानते हैं और अपना आदि पूर्वज कैद राय को मानते हैं।
राजस्थान में पंजाब से आये खटाना के एक वर्ग को तुर्किया भी बोलते हैं।
पाकिस्तान में हज़ारा रियासत भी खटाना गोत्र की थी|पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्वात रियासत भी खटाना गुर्जरों ने बसाई है ,हालांकि यह खटाना इस्लाम के अनुयायी थे । 
949 AD में गुर्जर साम्राज्य के पतन के बाद, अन्य गुर्जर साम्राज्यों जैसे अजमेर के गुर्जर चौहान, दिल्ली के गुर्जर तंवर , कालिंजर के गुर्जर  चंदेल , पाटन के गुर्जर सोलंकी , मालवा के गुर्जर परमार, उज्जैन और कन्नौज के गुर्जर प्रतिहार  ने उन्हें समर्थन देना बंद कर दिया और खुद के बीच लड़ना शुरू कर दिया।  गुर्जर राजा  मैं  एकता के अभाव के कारण  आपस में  लड़ाई होने लगी इसी कमजोरी का फायदा  महमूद गजनवी ने उठाया  जयपाल खटाना और आनंदपाल खटाना को कठोर प्रतिरोध के बाद महमूद गजनवी ने पराजित किया था। बाद में जब कन्नौज, अजमेर और कलिनजर से संयुक्त वित्तीय सहायता भेजी गई तो इसका कोई उपयोग नहीं था क्योंकि वे उस समय तक अपनी अधिकांशशक्ति  आपस मेंलड़ाई में शक्ति खो चुके थे। इतिहास गवाह है खुद अरबी लेखक  कहते हैं  की जयपाल खटाना की तलवार  उस समय  अरबी  आक्रमणकारियों की  खून की  प्यासी थी  अरबी लेखक  आगे लिखते हैं  की  सम्राट  जयपाल खटाना के समय  इस्लाम  खतरे में पड़ गया था मानो जैसे संसार से अरब का खात्मा  निश्चित है जयपाल खटाना को हराने में  कुछ हमारे  हिंदू राजाओं की मुख्य भूमिका रही  जिन्होंने  गुप्त रूप से  गजनबी का  साथ दिया यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात थी  🙏🙏 आपका सेवक- निशांत खटाना🙏🙏

Comments

Popular posts from this blog

Gurjar Maharaja Sawai Bhoj

गुर्जर प्रतिहार शासकों और आर्य संस्कृति के बारे में विद्वानों के मत — भाग — 1

गुर्जर साम्राज्य