वीर गुर्जर देश के रक्षक

वीर गुर्जर देश के रक्षक ( गौर से पूरी पोस्ट पढे - इस एक पोस्ट मे आप गुर्जरो के पूरे 2000 साल के  संघर्ष का इतिहास समझ सकते है) :

ये देश का दुर्भाग्य है कि यहां गौरी, बाबर, ग़ज़नवी,औरंगज़ेब, अकबर, ख़िलजी, लोदी जैसे लूटेरो और इन लुटेरो के गद्दार चमचो के इतिहास की पुस्तको में चार चार पन्ने ठोक ठोक के पढाए जाते हैं पर महान देशभक्त वीर गुर्जरो की चार लाइनो से आगे वामपंथियो की कलम नहीं मसकती । 

इस गुर्जर जाति का हजारो साल का बलिदानी इतिहास रहा है।कुछ बाते याद दिलाते है जिनको नजरअंदाज व जाती देखकर अनदेखा किया गया।

==== गुर्जर कुषाण साम्राज्य ==== 

इस काल मे देश की संस्कृति की कितनी उन्नती हुई उसे पूरा विश्व जानता है।देश के महान शासको की बात हो तो पहला नाम सम्राट कनिष्क का याद किया जाता है। ये पहले शासक थे जिन्होने चीन को हराया था।

==== गुर्जर हूण साम्राज्य ==== 

इस वंश के प्रतापी सम्राट हुए मिहिरकुल जिनको कल्कि अवतार कहा जाता है।तथा बोद्धो को पतन कर हिंदु धर्म को बचाने मे अहम भूमिका रही। जिनके डर से चीन की दीवार बनी 

==== गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य ==== 

इस वंश का सबसे प्रतापी सम्राट मिहिर भोज थे । गुर्जर प्रतिहारो ने सन् 650 से 1000 तक किसा विदेशीयो को नही घुसने दिया और करीब २०० युद्ध किए। देश की उन्नति हुई। पहली बार सैना को चांदी के सिक्को मे नगद वेतन मिलता था। इनके राज मे खुले घरो मे भी चोरी नही होती थी ।क्योकि इस वंश ने ना केवल विदेशी हमलावर, अरब, तुर्क मंगोलो को ही नही बल्कि डाकु, लुटेरो, प्रजा पर अत्याचार करने वाले सामंतों और रिश्वत खाने वाले कामचोर कर्मचारियों को कठोर रूप से दण्डित किया। इनके पास ऊंटों, हाथियों और घुडसवारों की दूनिया कि सर्वश्रेष्ठ सेना थी । इनके राज्य में व्यापार,सोना चांदी के सिक्कों से होता है।सोने और चांदी की खाने भी थी इन्होने राज्य की व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त किया, । व्यापार और कृषि कार्य को इतनी सुविधाएं प्रदान की गई कि सारा साम्राज्य धनधान्य से लहलहा उठा।

==== 10वी शताब्दी के बाद गुर्जरो का संघर्ष ==== 

दसवी शताब्दी मे गुर्जर प्रतिहार राजवंश के पतन के बाद इनके अधीन गुर्जर वंश आजाद हो गए और सबने स्यवं को राजा घोषित कर शाशन किया । यही वो समय था जब विदेशियो को देश मे पैर जमाने का मौका मिला। तेरहवी शताब्दी तक उन्होने अच्छी पकड बनाली उनसे लडने कि लिए "गुर्जर मंडल" बनाया गया जिसमे सभी क्षत्रियो को शामिल किया गया।
नाकाम कोशिशो के बाद इन गुर्जर वंशो का पतन होने लगा और यही कुछ वंशो ने हार स्वीकार की । यही कुछ वंश आगे जाके राजपूत कहलाए । जिन्हे ऊँचे पद व रियासते मिली और शेष जनता गुर्जर ही रही। इसी कारण ही गुर्जरो को ज्यादातर गौत्र राजपुतो मे मिलते है।
गुजरात के गुर्जर वंश के साथ कई अन्य गुर्जरवंशो ने आम गुर्जर जनता के साथ युद्ध की चुनौती स्वीकार की और आखिरी सांस तक लडते रहे और यही वो समय था जब गुर्जरो की बडी संख्या मे पलायन हुआ। इसी काल को मुगल काल कहा गया। गुर्जरो ने मुगलो को नाको तले चने चबवाये ।

==== 1824 के गुर्जर विद्रोह ==== 
1824 मे हजारो सैकडो गुर्जर शहीद हुए।अग्रेजो ने जब ही वीर गुर्जर का लोहा मान लिया था। ये विद्रोह भी ठीक 1857 के गुर्जर विद्रोह की ही तरह था। लेकिन इस संग्राम को इतिहास ने भुला दिया।बौलिवुड का मशूहर फिल्म "क्रान्ति" इसी गुर्जर विद्रोह पर आधारीत थी जिसमे "दिलीप कुमार" व "हैमा मालीनी जैसे मशूहर अदाकारो ने रोल किया । 

==== 1857 की क्रान्ति के जनक वीर गुर्जर ==== 
इतिहास गवाह है कि देश की प्रथम स्वतंत्रा संग्राम की शुरूआत मेरठ के धनसिंह कोतवाल ने की थी ।
जिसको भारत मे 
• प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
• गुर्जर विद्रोह
• सिपाही विद्रोह और 
• भारतीय विद्रोह के नाम से जाना जाता है।

जिसमे सैकडो हजारो की संख्या मे गुर्जर शहीद हुए । मेरठ की चिंगारी गाजियाबाद,दादरी,भटनेर,सिक्द्राबाद,बुलन्दशहर,दनकौर इत्यादि क्षेत्रो से दिल्ली पहुची। ये सभी गुर्जर बहुल क्षैत्र थे जो आज भी गुर्जरबहुल है।हजारो के संख्या मे वीर शहीद हुए और आखरी सांस तक लडे। बुलंदशहर का काला आम पर एक ही दिन मे सैकडो वीर गुर्जरो को लटकाया गया । क्योकि गुर्जर अंग्रेजी की काफी जनहानी और नुकसान कर चुके थे । इसके बाद ये क्रान्ति पूरे उत्तर प्रदेश, मे फैल गई । लगभग अंग्रेजी शासन समाप्त होने के बिंदु पर ही था।पर बाकी राज्यो से सहयोग न मिलने कि वजाह से ये मिशन फेल हुआ । 
लेकिन 1857 की क्रान्ति की बात की जाती है तो इन गुर्जर क्रान्तिकारी नेताओ के अलावा सबका नाम सुन सकते हो। ये सब देश पर मत छोडो ये आप को खुद ही करना होगा जागो और अपने योद्धाओ को सम्मान दिलाओ।अपने गाँव के गेट के नामकरण इन वीरो के नाम पर कराओ, प्रतिमाए लगवाओ, चौराहे, गोलचक्कर,आदि को इन वीरो की यादगार बनाओ।
गुर्जर प्रतिहारे ने साडे तीनसौ साल विदेशीयो को खदेडा, क्या मिला ?? , देश के इतिहास मे 300 साल के बलिदान को तीन लाईन मे बताते है यहां और गद्दारो के चार-चार पन्ने ठोक-ठोक के पढाए जाते है।  मुगलो से जिन गुर्जरो ने विद्रोह किया वो मुगलो के गले की फांस बन गए अब इसका इलाज यही था की उनका धर्म बदला जाये जहां जहां गुर्जरो ने मुगलो से विद्रोह किया उनका मुगलो ने धर्मपरिवर्तित करवाकर विद्रोह शांत किया। गुर्जरो की ही रियासते क्यो गई मुगलो और अग्रेजो के समय मे बल्कि राजपुतो कि रियासते देश आजाद होने तक रही। क्योकि गुर्जरो ने मुगलो की सामंत बनकर चमचागिरी करना स्वीकार नही किया।हजारो लाखो गुर्जर शहीद हुए। 
यही काम अंग्रेजो के शासन मे हुआ, 1857 का सहारनपुर का इतिहास उठा के देखो जब गुर्जरो के गांव ओर रियासते उजाडे जा रहे थे उसमे अंग्रेजो के साथ राजपुत सैनाए रहती थी और 14 साल से उपर की उम्र का हर वीर गुर्जर को पेड से लटकाया गया । किसी को तोफ के मुह से बांधा गया तो किसी को गोलियो से भूना गया। हम चाहते तो चुप बैठकर अंग्रेजो का साथ देकर सैना मे रेजीमेटं बनवा सकते थे, लेकिन गद्दारी गुर्जर के खून मे नही , हमना सदा बलिदान ही दिए है पर किसी के आगे झुके नही। अगर रजपूत सैनाए गुर्जरो के साथ विद्रोह करते तो देश 1857 मे ही आजाद हो जाता और मुगलो से हाथ मिलाने कि वजाय गुर्जरो के साथ विद्रोह किया होता तो गुर्जर प्रतिहार काल की तरह देश आजाद ही रहता। और ये हमसे पूछ रहे है कि मुगल और अंग्रेजो के समय मे गुर्जर कहां थे। हमारी देश भक्ति पर कोई सवाल नही उठा सकता। पूरा संसार वाकिफ है गुर्जर के बलिदान से। गुर्जर जब जब रूठा, जब महासंग्राम ही हुए है, ये हम नही कहते, हमारा इतिहास कहता है ।

• 1857 के गुर्जर विद्रोह मे मुख्य भूमिका निभाने वाले शहीद क्रातिकारी नेताओ के नाम, जिनके पीछे हजारो वीरो की भीड ने 1857 की क्रान्ति की शुरूआत कर अपने बलिदानी खून से इतिहास रचा था:*

1. धनसिंह कोतवाल गुर्जर
2. उमराव सिंह भाटी
3 राव रोशन सिंह गुर्जर
4. शिब्बा सिंह गुर्जर
5. दरियावसिंह नागर गुर्जर
6. झंडा सिंह गुर्जर
7. इंद्र सिंह गुर्जर (विजय सिंह पथिक के दादा)
8. दयाराम खारी गुर्जर
9. कदम सिंह गुर्जर
10. अचल सिंह गुर्जर
11. ऐमन सिंह गुर्जर
12. उमराव सिंह गुर्जर (मनिकपूरी)
13. सूबा देवहंस कसाना गुर्जर
14. हिम्मत सिंह गुर्जर
15. झडू सिंह गुर्जर जमींदार, 
16. सहाब सिंह गुर्जर
17.  हरदेवसिंह गुर्जर
18. रूपराम गुर्जर
19. मुजलिस गुर्जर भाटी
20. फतेह सिंह  गुर्जर
21. फत्ता गुर्जर नंबरदार, 
22. सुलेख सिंह गुर्जर
23. तेजा गुर्जर
24. दीदार सिंह गुर्जर
25. रामसहाय गुर्जर
26. नवल सिंह गुर्जर
27. कल्लू गुर्जर जमींदार
28. मैदासिंह गुर्जर
29. मुगनी गुर्जर
30. भोलू गुर्जर
31. मुलकी सिंह गुर्जर
32. बंसी गुर्जर जमींदार,
33. देवीसिंह गुर्जर जमींदार
34. दानसिंह गुर्जर
35. अहसान गुर्जर
36. सुरजीत सिंह गुर्जर
37. छजिया सिहं गुर्जर नम्बरदार (कादरपुर)
38. गंगा सिहं गुर्जर नम्बरदार (रिठौज) 
39. कलुआ सिहं गुर्जर (रिठौज) 
40. शोभा सिहं गुर्जर (पाली)
41. मेहर सिहं गुर्जर (पाली)
42. शौराब सिहं गुर्जर (पाली) 
43. मीरा सिहं गुर्जर नम्बरदार (कादरपुर) 
44. मेहराब सिहं गुर्जर (कादरपुर) 
45. नन्दा सिंह गुर्जर (रिठौज)
48. भीखाराम गुर्जर (दरबारीपुर) 
49. बिरजा सिंह गुर्जर (दरबारीपुर) 
50. अमीर गुर्जर, (बेरका) 
51. खुशहाल सिह गुर्जर (बेरका) 
52. किशन सिंह गुर्जर (बेरका)
53. रंगबाज सिहं गुर्जर (बेरका)
54. उदयचन्द गुर्जर (बेरका) 
55. रतिया सिहं गुर्जर (बेरका)
56. कंवरचन्द गुर्जर (नगली) 
57. रतन सिंह गुर्जर (नगली) 
58. रतना सिहं गुर्जर (नगली) 
59. रौला सिहं गुर्जर (नगली) 
60. रूड़ा सिहँ गुर्जर, (नगली)
61. सहिया सिहं गुर्जर (रिठौज) 
62. काला गुर्जर सहजावास 
63. अभय सिहं गुर्जर खोर
64. बक्सीराम गुर्जर
66. मुबारक गुर्जर
67. खाण्डुराम गुर्जर
69. साधुराम गुर्जर
70. खुशीराम गुर्जर
71. चंदु सिंह गुर्जर
72. मलखान गुर्जर 
73. मुखासिंह गुर्जर
74. राजा हरिसिंह गुर्जर (सहारनपुर)

Note : ( यह लिस्ट 1857 पर लिखी गई कई पुस्तको और अन्य लेखो की सहायता से बनाई है अत: अभी अधूरी है, कृप्या सभी भाई लिस्ट को पूरी करने मे सहायता कर सकते है।कई क्षेत्रो के वीर गुर्जर क्रान्तिकारियो के नाम नही है, दिल्ली के तंवर, चपराने, कसाने, भाटी, विधुड़ी, अवाने खारी, बासटटे, लोहमोड़, बैसौये,बैसले, भड़ाने, डेढ़िये इत्यादि गुर्जर वंशो के क्रान्तिकारियो के नाम नही जोडपाए,।
कृप्या अपने क्षेत्रो के सभी वीरो के नाम और जीवनी हमारे पेज इनबोक्स मे भेज सकते है बहोत नाम हमारे पेज की जानकारी से बाहर है)

==== Famous Gurjar Rulers : जिन्होने देश की रक्षा हेतु अपना सम्पूर्ण जीवन कुर्बान करदिया ==== 

* Kushana/Kasana Empire
   
Gurjar Samrat - Heraios (c. 0-30)
Gurjar Samrat - Kujul  (c.30-80)
Gurjar Samrat - Vima I or Sadaskana (c. 80-95)
Gurjar Sanrat - Vima II (c. 95-127)
Gurjar Samrat - Kanishk (c. 127-140)
Gurjar Samrat - Vashishk (c. 140-160)
Gurjar Samrat - huvishka  (c. 160-190)
Gurjar Samrat - Vashudev I (c. 190-230)
Gurjar Samrat - Kanishk II (c. 230-240)
Gurjar Samrat - Vashishk (c. 240-250)
Gurjar Samrat - Kanishk III (c. 250-275)
Gurjar Samrat - Vashkushan (c. 275-310)
Gurjar Samrat - Vashudev II (c. 310-325)
Gurjar Samrat - Shaka  (c. 325-335)
Gurjar Samrat - Ganesh (c. 335-350)
Gurjar Samrat - Vashishk II (c. 350-360)
Gurjar Samrat - Vashudev III (c. 360-365)
Gurjar Samrat - Kipunda  (c. 365-375)

==== Gurjar Hoon kings ====

* Famous Hun Gurjar Rulers of India :
Gurjar Samrat -  Chu-han (?-420)
Gurjar Samrat -  Tomar-Han Akhsunvar (420- 470)
Gurjar Samrat - TomarHan (496- 502) or 
Gurjar Samrat - Mihirakula (502 – 530)
Gurjar Samrat - Tomaran II (530-567)
Gurjar Samrat - Vasukula I (530 – 567)*.
Gurjar Samrat - Narendra or Narana (570-600)

Baka*.Vasukula-1*.Gopladitya (ruled Kasmir in 7thcentury)

===Gurjar Pratihar Empire===
Gurjara-Pratihara (650–1036 AD)

Gurjar Samrat Nagabhat I]] (730–760)
Gurjar Samrat Kakkuka and Devaraja (b
760–780)
Gurjar Samrat - Vatsaraj (780–800)
Gurjar Samrat - Nagabhat II (800–833)
Gurjar Samrat - Ramabhadr (833–836)
Gurjar Samrat - Mihira Bhoj I (836–885)
Gurjar Samrat - Mahendrapal I  (885–910)
Gurjar Samrat - Bhoja II (910–913)
Gurjar Samrat -  Mahipal (913–944)
Gurjar Samrat - Mahendrapal II  (944–948)
Gurjar Samrat - Devapal (948–954)
Gurjar Samrat - Vinayakapal (954–955)
Gurjar Samrat - Mahipal II (955–956)
Gurjar Samrat - Vijayapal II (956–960)
Gurjar Samrat - Rajapala (960–1018)
Gurjar Samrat - Trilochanapal (1018–1027)
Gurjar Samrat - Jasapal/ Yashpala (1024–1036)

* Many Gurjar Dynasties were Subjected to Gurjar Pratihar Empire :

====Chouhan Gurjar Empirer Sambhar/Ajmer ==
Chaumaan :-
1.  Samant
2. Nardev 
3. Jai Raaj
4. Vigrha Raaj I
5. Chandra Raaj I
6. Gopendra Raaj 
7. Duralabhh Raaj I
8. Gopendra Raaj ( Guhak I)
9. Chandra Raaj I
10. Ghuhak II
11.  Chandra Raaj III
12. Vaak Pati Raaj I
13. Singh Raaj ( 950 a.d.)
14. Vigrah Raaj I (973 A.D.)
15.  Durlabh Raaj II (973 to 997 )
16. Gopendra/Govind Raaj III
17. Vakkpati Raaj II
18. Veeryraaj 
19. ChamundRaaj
20. Singhtt 
21. Durlabbh Raaj III (1075 -1080)
22. Vigrahh Raaj III (1080 -1105 )
23. Prithvi Raaj I (1105-1113)
24.  Ajay Raaj (1113 -1133 )
25. Arno Raaj ( 1133- 1151 )
26. Jagg Dev ( 1151-1152)
27. Vigrha Raaj IV ( BISAL DEV ) (1152-1163)
28. Apper Gangay ( 1163-1167)
29. Prithvi Raaj II (1167-1169)
30. Someshwaar ( 1170-1177)
31. Prithvi Raaj III (1179-1192)
32. Govind Raaj 
33. Hari Raaj 
34. Kalsraj Chauhan
35. Devraj chauhan
36. Deepraj Chauhan

==== Chaulkya Gurjar Dynasty ====
1. Pulakesin 
2. Kritivirman 
3. Mangalesa
4. Pulakesi II
5. Vikramaditya I
6. Vinayaditya
7. Vikramaditya II
8. Kritivirman II

==== Chandel Gurjar Dynasty (831-1208)  ====
1. Gurjar Samrat - Nannuk Chandel 
2. Gurjar Samrat - Vakpati Chandel 
3. Gurjar Samrat - Vijayshakti Chandel
4. Gurjar Samrat - Rahil Chandel
5. Gurjar Samrat - Harsh Chandel
6. Gurjar Samrat - Yashovarman Chandel
7. Gurjar Samrat - Dhhang Dev Chandel
8. Gurjar Samrat - Gunddev Chandel
9. Gurjar Samrat - Vidhyadhar Chandel
10. Gurjar Samrat - Vijaypal Chandel
11. Gurjar Samrat - Devvarman Chandel
12. Gurjar Samrat - Kirtivarman Chandel
13. Gurjar Samrat - Sallakshan Chandel
14. Gurjar Samrat - Jaivarman Chandel
15. Gurjar Samrat - Prithvivarman Chandel
16. Gurjar Samrat - Madanvarman Chandel
17. Gurjar Samrat - Yashovarman Chandel II
18. Gurjar Samrat - Parmal Dev Chandel

(शेष अगले पार्ट मे)

• कृप्या पोस्ट को हजारो शेयर देकर देशभक्ति का परिचय दे - जय हिन्द  सत्यमेव जयते

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