SANATAN DHARM RAKSAK GURJAR SAMRAT MIHIR BHOJ
गुर्जर का अर्थ होता है अर्थ शत्रु विनाशक, सनातनी,जिसके रागों में भगवान राम का रक्त हो,महराज मोहिरभोज की दी हुई धर्म रक्षा की शिक्षा हो,माँ पन्ना धाय की दी हुआ त्याग की शिक्षा हो,जिसके अंदर महराज नागभट्ट की दी हुई धर्म मे मर मिटने की प्रेरणा हो ,जिसका तन भी भगवा और मन भी भगवा हो वो गुर्जर है।
बाकि जिन्होंने सम्राट मिहिरभोज के उसूलों से इतर जाकर धर्म बदल लिया,जिन्होंने उन लोगो की संगति स्वीकार कर ली जिनके कारण 8 शताब्दी में पूरा गुर्जर प्रतिहार वंश अपना बलिदान दिया था, जो लोग कहते हैं गुर्जर एक कौम है,खून है,धर्म से उनको कोई मतलब नही उनको पता होना चाहिए महराज मिहिरभोज ने धर्म के लिए युद्ध लड़ा था। गुर्जर तो सिर्फ सनातनी हिन्दू हैं जिन्होंने महराज मिहिरभोज के उसूलों में चलकर सर कटवा दिया पर धर्म नही बदला, धर्म बदलने से आस्था और संस्कर बदलते हैं। हिन्दू गुर्जरो की आस्था राम मंदिर है ,वही मुस्लिम गुर्जरो की आस्था मक्का मदीना है,हिन्दू गुर्जरो के संस्कर गौ रक्षा,स्त्री रक्षा,धर्म रक्षा है। वहीं मुस्लिम गुर्जरो के संस्कर गौ भक्षण हैं।
अगर हिन्दू और मुस्लिम गुर्जर एक हैं,तो मुस्लिम गुर्जर भगवान देव नारायण की जयंती में व्रत काहे नही रहते, अपने पूर्वज भगवान राम के मंदिर का खुलकर समर्थन क्यों नही करते थे।
अब कोई ये न कहना कि इसका गुर्जर से क्या लेना देना है,काहे की अपने पूर्वजो और आराध्यों के प्रति श्रद्धा ही गुर्जरो की असली कमाई है।
राम राम🙏🙏
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