MAHARAJ SAWAI BHOJ
महाराज सवाई भोज की जय हो🙏🙏
जय श्री देवनारायण भगवान 🙏🙏
जय राजा बासक नाग की🙏🙏🙏🙏🙏🙏⚔️🚩🙏
महाराज सवाई भोज बगड़ावत चौहान पातूली कलालन का घमंड चूर चूर करने के बाद और 52 गढ़ के राजाओं को दारू पीला देते हैं l उसके बाद बीडे का बचा हुआ दारू राण भिनाय के पर्वतों पर फेंक देते है l और उसके बाद दारू पाताल में जा पहुंचता है पाताल में बासक नाग देव बैठे हुए थे उनके ऊपर मद की बूंदे उनके माथे पर जा गिरती है ।। जिससे वासक देव क्रोधित हो उठते हैं और सोचते हैं कि इतने बड़े वीर बलवान धरती पर कौन हो गया जो इतना मद (दारु )ढोला और दारू धरती से पाताल मैं पहुंच गयाll उसके बाद नाग देवता भगवान विष्णु जी के पास राजा सवाई भोज जी की शिकायत करने स्वर्ग लोक पहुंच जाते हैं l और कहते हैं कि महाराज आपने धरती पर किस वीर बलवान को जन्म दे दिया जो धरती से दारू फेंका और मेरे पाताल लोक में आ पहुंचा कौन है यह वीरl भगवान विष्णु जी ने जवाब दिया की नागदेव यह गोठा के क्षत्रिय गुर्जर राजा बागरावत चौहान के पुत्र बगड़ावत हैं और बगड़ावत मे से एक भाई सवाईभोज है जिसको शिव जी ने वरदान दिया है और वे शिव जी के शिष्य है l और इन्होंने शिव जी द्वारा शक्तियां प्राप्त की हुई है इनको धरती पर कोई नहीं मिटा सकता l फिर नाग देवता कहते हैं कि आप बगड़ावतों को छलके और मिटा के आओ और यदि ऐसा नहीं किया तो मैं धरती का बाहर नहीं संभाल लूंगा। l आप की धरती आप संभालो या और कोई विष्णु जी कहते हैं कि ठीक है नागजी मैं बगड़ावतों को छल से मारने के लिए अवश्य जाऊंगा और आप पाताल लोक में वापिस प्रस्थान करें और धरती का बाहर संभाले रखें मैं मृत्यु लोक में गुर्जरों की गोठा में जाता हूं और सवाईभोज जी को छलके अवश्य आऊंगा l
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